आगे कदम बढ़ाइए, बाधा को ललकार।
मंज़िल देने के लिए, खड़ी लिए उपहार।।
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कायर उसको मानिए, माने जो भी हार।
जो करता संघर्ष है, पाता खुशी अपार।।
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आलस बाधा है बड़ी, सक्रियता है शक्ति।
आशा कभी न छोड़िए, श्रम की करिए भक्ति।।
-राजकुमार धर द्विवेदी
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