एक सुखद अतीत -सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी,
मां कहे नवनीत-सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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कट गए जो पल खुशी से, रात-दिन की जंग में,
इस अनोखी जीत -सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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गुनगुना कर देख ले तू , क्यूं खड़ा मायूस है,
एक प्यारे गीत-सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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शबनमी रातें सुहानी, धूप लगती गुनगुनी,
इस गुलाबी शीत-सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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रंक से राजा बनाया, दे दिया धन कृष्ण ने,
उस सुदामा मीत -सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
-राजकुमार धर द्विवेदी
मां कहे नवनीत-सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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कट गए जो पल खुशी से, रात-दिन की जंग में,
इस अनोखी जीत -सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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गुनगुना कर देख ले तू , क्यूं खड़ा मायूस है,
एक प्यारे गीत-सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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शबनमी रातें सुहानी, धूप लगती गुनगुनी,
इस गुलाबी शीत-सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
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रंक से राजा बनाया, दे दिया धन कृष्ण ने,
उस सुदामा मीत -सी है, 'राज' तेरी ज़िंदगी।
-राजकुमार धर द्विवेदी